यूरोप का मौसम हमेशा से अपनी खुशनुमा ठंडक के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन इस समय वहां जो हो रहा है, वो डराने वाला है। पूरा यूरोप भीषण हीटवेव की चपेट में है। तापमान सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़कर आसमान छू रहा है। फ्रांस से लेकर ब्रिटेन तक जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर चुका है। इसे महज 'एक और गर्म मौसम' कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह जलवायु परिवर्तन का एक सीधा और खतरनाक तमाचा है।
ओमेगा ब्लॉक ने यूरोप को बनाया भट्टी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस जानलेवा गर्मी के पीछे एक खास वजह है। इसे ओमेगा ब्लॉक नाम का दुर्लभ वेदर पैटर्न कहा जा रहा है। यह ग्रीक अक्षर ओमेगा ($\Omega$) के आकार का होता है। यह सिस्टम एक जगह पर गर्म हवा को लॉक कर देता है। हवा आगे नहीं बढ़ पाती और एक ही इलाके में सूरज की तपिश लगातार बढ़ती जाती है। इसी वजह से तापमान सामान्य से 18 डिग्री सेल्सियस ऊपर तक चला गया है।
इस भयंकर गर्मी ने देशों की बुनियादी व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। फ्रांस में तो हालात बदतर हो चुके हैं।
फ्रांस में टूटा 80 साल का रिकॉर्ड
फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी शहर पिसोस में पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फ्रांस के मौसम इतिहास में पिछले 80 सालों में यह सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया है। गर्मी का असर सिर्फ लोगों के पसीने छुड़ाने तक सीमित नहीं है। इसने देश के पावर ग्रिड पर सीधा हमला किया है।
- ब्रिटनी क्षेत्र में भीषण गर्मी के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे हजारों घरों में अंधेरा छा गया।
- फ्रांस के न्यूक्लियर पावर प्लांट्स को अपनी बिजली उत्पादन में 7% तक की कटौती करनी पड़ी। इसका कारण यह है कि नदियों का पानी इतना गर्म हो चुका है कि उसे प्लांट्स को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
- पेरिस का मशहूर एफिल टावर भी इस तपिश से नहीं बच सका। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए इसके खुलने के समय को कम कर दिया गया है।
पेरिस फैशन वीक के दौरान भी लोग गर्मी से बेहाल दिखे। मशहूर ब्रांड्स जैसे डायर और रिक ओवेन्स को अपने शो दोपहर के बजाय सुबह जल्दी शिफ्ट करने पड़े ताकि मॉडल और मेहमान बेहोश होने से बच सकें।
ब्रिटेन में बकिंघम पैलेस का गार्ड समारोह रुका
ब्रिटेन को हमेशा ठंडे और सुहावने मौसम का देश माना जाता है। वहां के घरों और बुनियादी ढांचे को इस तरह की भीषण गर्मी झेलने के लिए नहीं बनाया गया है। ब्रिटेन के मौसम विभाग (Met Office) ने देश के इतिहास में दूसरी बार रेड एक्सट्रीम हीट वार्निंग जारी की है। प्रशासन ने साफ कहा है कि यह गर्मी स्वस्थ लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।
लंदन में सदियों पुरानी परंपरा को भी इस मौसम के आगे घुटने टेकने पड़े। बकिंघम पैलेस के बाहर होने वाले प्रसिद्ध 'चेंजिंग ऑफ द गार्ड' समारोह को छोटा करना पड़ा। भारी ऊनी भालू की खाल वाली टोपी (Bearskin Hats) और लाल ट्यूनिक पहने सैनिकों को इस जानलेवा धूप से बचाने के लिए परेड को सीमित कर दिया गया।
लंदन और पेरिस के बीच चलने वाली यूरोस्टार ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। ब्रिटेन की पटरियां विक्टोरियन काल की हैं, जो इतनी गर्मी में फैल सकती हैं। पटरियों के मुड़ने के डर से ट्रेनों की रफ्तार बेहद कम कर दी गई है।
दूसरे देशों में भी मची है त्राहि-त्राहि
यह तबाही सिर्फ फ्रांस और ब्रिटेन तक सीमित नहीं है। नीदरलैंड में आउटडोर स्पोर्ट्स इवेंट्स को रद्द करना पड़ा है। बेल्जियम में एक प्राइमरी स्कूल को बच्चों की फाइनल परीक्षाएं चर्च के अंदर करानी पड़ीं क्योंकि स्कूल की इमारतें भट्टी की तरह तप रही थीं और चर्च ही एकमात्र ठंडी जगह बची थी। स्विट्जरलैंड ने अपने नागरिकों को बचाने के लिए एयर-कंडीशनर वाले सिनेमाघरों और सार्वजनिक जगहों को मुफ्त में खोल दिया है।
पश्चिमी फ्रांस के पोल्ट्री फार्म्स में भीषण गर्मी की वजह से लाखों मुर्गियों की मौत हो गई। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। मजदूर अब दिन के बजाय रात में फसलों की कटाई कर रहे हैं ताकि खुद को सनस्ट्रोक से बचा सकें।
अगर आप यूरोप की इस स्थिति को हल्के में ले रहे हैं, तो संभल जाइए। यह सिर्फ एक सीजन की बात नहीं है। यह आने वाले कल की वह भयानक तस्वीर है, जिसके लिए दुनिया का कोई भी देश तैयार नहीं है।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कदम उठाएं। बेवजह दोपहर में बाहर निकलने से बचें। लगातार पानी पीते रहें। अपने आसपास के बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखें क्योंकि इस तरह का मौसम किसी को संभलने का मौका नहीं देता।